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News Desk: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को कारोबार की लागत घटाने, उत्पादकता बढ़ाने और मुनाफा सुधारने का बड़ा जरिया माना जा रहा है। दुनिया भर की कंपनियां इस तकनीक में भारी निवेश कर रही हैं, लेकिन निवेश के अनुपात में फायदा हासिल करना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। Gartner के एक नए सर्वे के मुताबिक, केवल 13% कंपनियों के मुख्य सूचना अधिकारियों (CIOs) ने माना कि AI से उनके संगठन को महत्वपूर्ण या बड़ा व्यावसायिक लाभ मिला है।
2,002 तकनीकी अधिकारियों से जुटाए गए आंकड़े
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, Gartner ने मई से जुलाई 2026 के बीच यह सर्वे किया। इसमें 2,002 मुख्य सूचना अधिकारियों और ऐसे तकनीकी अधिकारियों को शामिल किया गया, जो अपनी कंपनियों में AI लागू करने की जिम्मेदारी संभालते हैं। सर्वे के नतीजे अमेरिका के ऑरलैंडो में आयोजित Gartner IT Symposium/Xpo में प्रस्तुत किए गए।
रिपोर्ट का मुख्य संकेत यह है कि AI को अपनाना और उससे वास्तविक कारोबारी मूल्य हासिल करना दो अलग-अलग बातें हैं। किसी कंपनी में AI टूल का इस्तेमाल शुरू हो जाना इस बात की गारंटी नहीं है कि उससे लागत घटेगी या मुनाफा बढ़ेगा।
58% अधिकारियों पर लागत घटाने का दबाव
सर्वे में शामिल करीब 58% CIOs ने बताया कि उन पर AI के इस्तेमाल के जरिए लागत कम करने का दबाव बढ़ रहा है। वहीं, 51% अधिकारियों को आशंका है कि AI के कारण तकनीक को अपनाने, चलाने और उसका रखरखाव करने की कुल लागत बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि कंपनियों के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर उनसे AI के जरिए खर्च कम करने और कामकाज बेहतर बनाने की उम्मीद की जा रही है, तो दूसरी ओर इस तकनीक को लागू करने और बड़े स्तर पर चलाने में अतिरिक्त खर्च भी हो सकता है।
AI का इस्तेमाल बढ़ा, लेकिन रिटर्न की गारंटी नहीं
Gartner के विश्लेषण के अनुसार, 2024 से 2025 के बीच AI के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में 400% की वृद्धि हुई, लेकिन किसी पहल के सफल होने की संभावना लगभग हर पांच में एक पर बनी रही। यह आंकड़ा बताता है कि AI से जुड़े प्रयोग तेजी से बढ़े हैं, लेकिन हर प्रयोग व्यावसायिक सफलता में नहीं बदल रहा।
Gartner की उपाध्यक्ष और विश्लेषक Alicia Mullery के मुताबिक, केवल AI गतिविधियों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। कंपनियों को शुरुआत में ही यह तय करना होगा कि किसी AI परियोजना से क्या लाभ मिलने की उम्मीद है और किन परिस्थितियों में उसे आगे जारी रखने के बजाय रोक देना चाहिए।
AI के दौर में नौकरियों की तस्वीर भी बदल सकती है
सर्वे में कर्मचारियों और तकनीकी भूमिकाओं को लेकर भी अहम संकेत मिले। करीब 40% उत्तरदाताओं को उम्मीद है कि उनकी कंपनियां 2027 में IT कर्मचारियों की संख्या बढ़ा सकती हैं, खासकर साइबर सुरक्षा और डेटा एवं एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी तरह की नौकरियों में वृद्धि होगी। AI के कारण अलग-अलग भूमिकाओं के बीच की सीमाएं कम हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, डिजाइन से जुड़े कर्मचारी टेस्टिंग का काम कर सकते हैं और टेस्टिंग करने वाले कर्मचारी डिजाइन प्रक्रिया में योगदान दे सकते हैं। इससे कुछ विशिष्ट भूमिकाओं की संख्या घट सकती है, जबकि बचे हुए कर्मचारियों की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।
कंपनियों के लिए सबसे बड़ी सीख क्या है?
सर्वे का संकेत है कि AI में निवेश करने से पहले कंपनियों को उसके इस्तेमाल का स्पष्ट उद्देश्य, संभावित लागत, अपेक्षित लाभ और सफलता मापने के मानक तय करने होंगे। साथ ही, डेटा की गुणवत्ता, जवाबदेही और तकनीक के प्रबंधन पर भी ध्यान देना जरूरी है।
AI कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है, लेकिन केवल तकनीक खरीदने या उसे कामकाज में शामिल कर लेने से बेहतर नतीजे अपने आप नहीं मिलते। असली चुनौती यह है कि AI को कारोबार की जरूरतों से जोड़कर इस तरह इस्तेमाल किया जाए कि उसका लाभ मापा जा सके और वह लंबे समय तक उपयोगी साबित हो।





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