News Desk: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की मौत की वजह सामने आ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, 75 वर्षीय अभिनेता की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई, जिसकी वजह दिल की मुख्य कोरोनरी धमनी में खून का थक्का जमना था। गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने रविवार, 11 अक्टूबर को रिपोर्ट के निष्कर्षों की पुष्टि की।
रिपोर्ट में मौत को प्राकृतिक बताया गया है। इससे अभिनेता की मौत के कारण को लेकर पहले उठ रहे सवालों पर चिकित्सकीय जानकारी सामने आई है।
1. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, नाना पाटेकर की मौत का कारण था- “Acute myocardial infarction due to left main coronary artery thrombosis secondary to atherosclerotic occlusive coronary artery disease.”
आसान भाषा में इसका मतलब है कि दिल की मुख्य कोरोनरी धमनी में खून का थक्का जम गया था। इस धमनी के जरिए दिल के एक बड़े हिस्से तक रक्त पहुंचता है। धमनी में रुकावट आने से दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिल पाई, जिसके कारण गंभीर हार्ट अटैक आया।
डॉक्टरों ने रिपोर्ट में मौत को प्राकृतिक कारणों से हुई मृत्यु के रूप में वर्गीकृत किया है।
2. नाना पाटेकर की आखिरी सुबह क्या हुआ था?
नाना पाटेकर 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर अस्वस्थ हो गए थे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तड़के उनकी तबीयत बिगड़ने पर उनके परिचित और देखभाल करने वाले व्यक्ति ने मदद मांगी। इसके बाद एंबुलेंस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन किया। हालांकि, उन्हें बचाया नहीं जा सका और सुबह करीब 5:10 बजे मृत घोषित कर दिया गया।
3. मौत के बाद पोस्टमार्टम क्यों किया गया?
नाना पाटेकर को अस्पताल लाए जाने पर मृत घोषित किया गया था। अस्पताल की ओर से मामले को मेडिको-लीगल केस के रूप में दर्ज कर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद मौत की परिस्थितियों और चिकित्सकीय कारणों को स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया।
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत का कारण गंभीर हार्ट अटैक और कोरोनरी आर्टरी डिजीज से जुड़ी रुकावट बताया है। हालांकि, पुलिस की ओर से दर्ज प्रक्रिया और डॉक्टरों द्वारा मौत को प्राकृतिक बताए जाने के बीच अंतर समझना जरूरी है: मेडिको-लीगल प्रक्रिया अपने आप में किसी अपराध या संदिग्ध गतिविधि का प्रमाण नहीं होती।
4. नाना पाटेकर का फिल्मी सफर
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी दमदार अदाकारी, संवाद अदायगी और अलग-अलग तरह के किरदारों से पहचान बनाई। उनकी प्रमुख फिल्मों में परिंदा, क्रांतिवीर, अग्नि साक्षी, अब तक छप्पन और वेलकम शामिल हैं।
गंभीर भूमिकाओं से लेकर कॉमेडी तक, उन्होंने कई तरह के किरदार निभाए। अभिनय के अलावा वह सामाजिक कार्यों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर अपनी सक्रियता के लिए भी जाने जाते थे। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत और प्रशंसकों में शोक की लहर फैल गई।
निष्कर्ष
नाना पाटेकर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनकी मौत की वजह को स्पष्ट कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल की मुख्य कोरोनरी धमनी में खून का थक्का जमने और पहले से मौजूद कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण उन्हें घातक हार्ट अटैक आया था।
75 वर्ष की उम्र में उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक अनुभवी अभिनेता खो दिया, जिनकी अदाकारी और विशिष्ट संवाद शैली लंबे समय तक दर्शकों की यादों में बनी रहेगी।





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