News Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया। गोमतीनगर इलाके में SBI कर्मचारी मनस वाजपेयी ने कथित तौर पर अपनी अलग रह रही पत्नी दिव्या मिश्रा को उसके ICICI Bank ऑफिस के बाहर गोली मार दी। इसके बाद वह घर पहुंचा, जहां उसने अपनी 28 वर्षीय बहन शिवा को गोली मारी और फिर खुद को भी गोली मार ली। तीनों की मौत हो गई। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ खौफनाक घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक, 38 वर्षीय मनस वाजपेयी गुरुवार दोपहर गोमतीनगर स्थित ICICI Bank की शाखा के बाहर पहुंचा, जहां उसकी पत्नी दिव्या मिश्रा Relationship Manager के तौर पर काम करती थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मनस ने दिव्या को बाहर बुलाया और कुछ देर उनसे बातचीत की। इसके बाद कथित तौर पर उसने गोली चला दी। दिव्या को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद आरोपी मौके से निकलकर अपने घर पहुंचा। पुलिस के सामने अगला दृश्य और भी भयावह था। घर में उसकी 28 वर्षीय बहन शिवा भी मृत मिलीं। पुलिस के मुताबिक, शिवा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। इसके बाद मनस ने खुद को भी गोली मार ली।
12 साल की शादी, एक साल से अलग रह रहे थे
जांच में सामने आया है कि मनस और दिव्या की शादी करीब 12 साल पहले हुई थी। दोनों पिछले एक साल से अलग रह रहे थे और रिपोर्टों के मुताबिक दिव्या ने पिछले वर्ष तलाक के लिए आवेदन किया था।
पुलिस के अनुसार, मनस ने अपनी पत्नी पर बेवफाई का आरोप लगाया था। हालांकि यह केवल उसके कथित आरोप का हिस्सा है और पुलिस जांच से इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
यही वजह है कि जांचकर्ता अब दंपति के बीच चल रहे विवाद, तलाक की कार्यवाही और घटना से पहले के घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं।
WhatsApp Status ने जांच को दिया नया सुराग
इस केस की सबसे चौंकाने वाली कड़ी सामने आई आरोपी के कथित WhatsApp Status से।
NDTV के अनुसार, मनस ने अपनी पत्नी की हत्या के बाद एक ऐसा status लगाया, जिसमें उसने पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया और अपनी बहन तथा खुद को मारने की बात लिखी। पुलिस अब इस digital evidence की भी जांच कर रही है।
यह status इस सवाल को भी जन्म देता है कि क्या घटना अचानक हुई या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी।
हालांकि किसी WhatsApp status में लिखी बात अपने आप में अपराध की पूरी वजह या घटनाक्रम का अंतिम प्रमाण नहीं होती। पुलिस को इसे दूसरे सबूतों- CCTV, forensic evidence, हथियार, call records और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान—के साथ जांचना होगा।
एक वारदात, दो जगह और तीन मौतें
इस घटना का सबसे भयावह पहलू इसका sequence है—
पहला पड़ाव: ICICI Bank के बाहर पत्नी पर हमला।
दूसरा पड़ाव: घर पहुंचकर बहन की हत्या।
तीसरा पड़ाव: आरोपी की खुदकुशी।
अन्य रिपोर्टों के मुताबिक जांचकर्ताओं ने दोनों घटनास्थलों से तीन हथियार बरामद किए हैं, हालांकि इन हथियारों की भूमिका और घटनाक्रम में उनका इस्तेमाल अभी जांच का विषय है।
एक स्थानीय दुकानदार ने NDTV को बताया कि मनस करीब 12:30 बजे घर लौटा था, वह घबराया और पसीने से तर नजर आ रहा था। बाद में उसके WhatsApp status की जानकारी मिलने पर पड़ोसी घर के अंदर पहुंचे और उसे मृत पाया।
सबसे बड़ा सवाल-क्या हिंसा की कोई पूर्व चेतावनी थी?
इस मामले में पुलिस अब कई सवालों के जवाब तलाश रही है:
- क्या पति-पत्नी के बीच लंबे समय से गंभीर विवाद चल रहा था?
- तलाक की प्रक्रिया के दौरान कोई धमकी या हिंसा की शिकायत हुई थी?
- हथियार आरोपी तक कैसे पहुंचे?
- क्या घटना से पहले किसी को इसकी जानकारी थी?
- WhatsApp status कब और किस परिस्थिति में डाला गया?
- क्या यह हत्या और आत्महत्या पहले से planned थी?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
लखनऊ की इस घटना का सबसे बड़ा सबक
यह मामला सिर्फ एक पारिवारिक विवाद की कहानी नहीं है। यह दिखाता है कि जब रिश्तों में तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंचता है और उसके साथ हथियार उपलब्ध हों, तो स्थिति कितनी तेजी से जानलेवा हो सकती है।
फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू—घरेलू विवाद, तलाक, कथित आरोप, digital evidence और forensic findings की जांच कर रही है।
एक बैंक के बाहर शुरू हुई गोलीबारी कुछ ही मिनटों में तीन जिंदगियां खत्म कर गई। अब जांच का सवाल सिर्फ “किसने गोली चलाई?” नहीं है, बल्कि यह भी है कि इस त्रासदी तक पहुंचने वाली चेतावनियों को समय रहते क्यों नहीं पहचाना जा सका।




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