News Desk: CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली में शर्तों के साथ ज़मानत दे दी गई है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को शांति बांड पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें रिहा किया गया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च आयोजित करने से जुड़े मामले में हिरासत में लिया था।
₹50 हजार का शांति बांड, शांति बनाए रखने की शर्त
रिपोर्ट के अनुसार, दिपके को ₹50,000 के शांति बांड पर हस्ताक्षर करने के बाद रिहाई मिली। पुलिस की कार्रवाई तिरंगा मार्च को लेकर जारी निषेधात्मक नोटिस के बावजूद कार्यक्रम आयोजित करने पर केंद्रित थी। पुलिस ने एहतियाती कार्रवाई के तहत उन्हें हिरासत में लिया था।
क्या था पूरा मामला?
CJP ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया था। दिपके इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी और उन्हें हिरासत में ले लिया। यह घटनाक्रम राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों को लेकर लागू सुरक्षा व्यवस्था के बीच सामने आया।
पहले भी हिरासत में लिए गए थे CJP नेता
इससे पहले 10 अक्टूबर को CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास तथा आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में लिया गया था। 11 अक्टूबर को एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीनों को शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया था। दिल्ली पुलिस ने उस कार्रवाई में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं 126 और 170 का हवाला दिया था।
दिपके की ताजा रिहाई ऐसे समय हुई है, जब CJP के प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस और पार्टी के बीच टकराव चर्चा में है। हालांकि, शर्तों के साथ रिहाई को किसी व्यापक प्रतिबंध या प्रदर्शन पर पूर्ण रोक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए; इसके लिए अदालत के आदेश की सटीक शर्तें महत्वपूर्ण होंगी।





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