News Desk: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले की यूट्यूबर और ‘बिग बॉस ओटीटी 3’ की प्रतिभागी शिवानी कुमारी एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इस बार उनका विवाद अमेरिकी इन्फ्लुएंसर और फिटनेस कोच मार्विन आची से जुड़ा है। मार्विन ने आरोप लगाया है कि औरैया के अरियारी गांव में एक पारंपरिक आयोजन के दौरान उन्हें बिना पूरी जानकारी दिए ऐसी गतिविधि में शामिल किया गया, जिससे बाद में उन्हें अपमानित महसूस हुआ।
मार्विन के आरोपों के बाद शिवानी कुमारी ने भी वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। वह भावुक होकर बोलीं कि मार्विन उनके मेहमान और भाई जैसे हैं। उन्होंने उनका अपमान नहीं किया। दोनों के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस विवाद को लेकर बहस तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद औरैया के अरियारी गांव में दशहरे के दौरान हुए ‘टेसू-झेंझी’ कार्यक्रम से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, इस आयोजन के दौरान शिवानी कुमारी ने मार्विन आची के चेहरे पर काला रंग लगाकर मूंछें बनाई थीं और टीका लगाया था। इसके बाद मार्विन स्थानीय लोगों के साथ नाचते भी नजर आए।
शुरुआत में मार्विन ने इसे भारतीय परंपरा का हिस्सा समझकर स्वीकार किया। लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर वीडियो के कमेंट्स और लोगों की प्रतिक्रियाएं देखने के बाद उन्हें लगा कि उनका मजाक उड़ाया गया था। इसी बात को लेकर उन्होंने शिवानी के व्यवहार पर सवाल उठाए।
मार्विन आची ने क्या आरोप लगाए?
मार्विन ने अपने वीडियो में कहा कि वह भारत की संस्कृति, ग्रामीण जीवन और परंपराओं को करीब से समझना चाहते थे। इसी उद्देश्य से वह शिवानी के गांव पहुंचे थे। उनका कहना है कि वह शिवानी को दोस्त मानते थे और उन पर भरोसा करते थे।
मार्विन के मुताबिक, उन्हें आयोजन में निभाई जाने वाली भूमिका और चेहरे पर रंग लगाने का अर्थ स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया। भाषा और स्थानीय रीति-रिवाजों की जानकारी न होने के कारण वह वहां हो रही बातचीत को समझ नहीं पा रहे थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सब सोशल मीडिया पर व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने के लिए किया गया। हालांकि, ये मार्विन के आरोप हैं; विवाद से जुड़े वीडियो और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि सभी रिपोर्टों में नहीं की गई है।
फर्नांडा के साथ हुई घटना का भी किया जिक्र
मार्विन ने अपनी दोस्त फर्नांडा से जुड़े एक प्रसंग पर भी नाराजगी जताई। उनके आरोप के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान फर्नांडा के चेहरे पर धूल या रेत फेंकी गई, जो उनकी आंखों में चली गई।
मार्विन ने कहा कि उस समय उन्होंने इसे स्थानीय परंपरा समझकर शिवानी का पक्ष लिया था। लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं देखने के बाद उन्हें लगा कि उनके और उनकी दोस्त के साथ हुए व्यवहार को लेकर उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।
रोते हुए शिवानी कुमारी ने दी सफाई
मार्विन के वीडियो के बाद शिवानी कुमारी ने सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि मार्विन उनके लिए मेहमान और भाई जैसे हैं। उन्होंने हमेशा उनका सम्मान किया और उनका कोई गलत इरादा नहीं था।
शिवानी ने कहा कि यदि उनके किसी व्यवहार से मार्विन को दुख पहुंचा था, तो उन्हें सीधे उनसे बात करनी चाहिए थी। सार्वजनिक रूप से वीडियो जारी किए जाने से उन्हें दुख हुआ।
शिवानी ने यह भी कहा कि मार्विन उनके साथ करीब 15 दिन तक रहे और इस दौरान उन्हें उनके स्वभाव तथा व्यवहार को समझने का मौका मिला। उन्होंने अपमान करने के आरोपों से इनकार किया।
कौन हैं मार्विन आची?
मार्विन आची अमेरिकी इन्फ्लुएंसर, फिटनेस कोच और कंटेंट क्रिएटर हैं। वह फिटनेस, व्यायाम और मनोरंजक वीडियो के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, वह जुलाई 2025 में पहली बार औरैया के अरियारी गांव पहुंचे थे और शिवानी के घर ठहरे थे।
उनके गांव आने के दौरान देसी भोजन, बैलगाड़ी की सवारी और ग्रामीण जीवन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। बाद में वह फिर भारत आए और शिवानी के साथ समय बिताया। इस बार टेसू-झेंझी कार्यक्रम से जुड़ा पुराना घटनाक्रम विवाद की वजह बन गया।
कौन हैं शिवानी कुमारी?
शिवानी कुमारी उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अरियारी गांव की रहने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर हैं। वह ग्रामीण जीवन, कॉमेडी और दैनिक गतिविधियों से जुड़े वीडियो बनाती हैं। साल 2024 में उन्होंने ‘बिग बॉस ओटीटी 3’ में हिस्सा लिया था, जिसके बाद उनकी लोकप्रियता और बढ़ी।
शिवानी अपने देसी अंदाज और गांव की जीवनशैली पर आधारित कंटेंट के लिए जानी जाती हैं। मार्विन के साथ उनकी दोस्ती और गांव में उनके स्वागत से जुड़े वीडियो भी पहले सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हुए थे।
परंपरा, मेहमाननवाजी और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी पर बहस
इस विवाद ने सोशल मीडिया पर कई सवाल खड़े किए हैं। एक तरफ मार्विन का कहना है कि किसी व्यक्ति को किसी परंपरा में शामिल करने से पहले उसका अर्थ और उद्देश्य समझाना जरूरी है। दूसरी ओर, शिवानी का कहना है कि उनका इरादा अपमान करने का नहीं था और उन्होंने अपने मेहमान का सम्मान किया।
‘टेसू-झेंझी’ जैसे स्थानीय आयोजनों की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को समझना भी इस विवाद के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। किसी परंपरा को निभाने और किसी व्यक्ति को उसका हिस्सा बनाने के बीच संवाद और सहमति की भूमिका पर चर्चा हो रही है।
फिलहाल, मार्विन आची और शिवानी कुमारी दोनों ने अपने-अपने वीडियो के जरिए पक्ष रखा है। विवाद के केंद्र में चेहरे पर रंग लगाने की रस्म, उसके अर्थ को लेकर जानकारी और दोनों के बीच भरोसे का सवाल है।





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