News Desk: भारत की हाई-स्पीड रेल परियोजना अब एक नए मुकाम की ओर बढ़ रही है। देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B28 का निर्माण बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) की फैक्ट्री में चल रहा है। यह ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर दौड़ने के लिए तैयार की जा रही है। इसकी अधिकतम टेस्ट स्पीड 280 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि परिचालन के दौरान यह 249 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।
कुल 202 मीटर लंबी इस ट्रेन में 8 कोच होंगे और इसमें एक साथ 557 यात्री सफर कर सकेंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 नवंबर को बेंगलुरु स्थित BEML फैक्ट्री का दौरा कर निर्माण कार्य और तकनीकी तैयारियों का जायजा लिया।
1. 280 किमी प्रति घंटे की अधिकतम टेस्ट स्पीड
B28 ट्रेन को अधिकतम 280 किलोमीटर प्रति घंटे की टेस्ट स्पीड के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, इसकी प्रस्तावित परिचालन गति 249 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
इसका मतलब है कि ट्रेन परीक्षण के दौरान 280 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकती है, लेकिन नियमित यात्री सेवा में इसकी गति अलग होगी। ट्रेन को भारतीय मौसम और परिचालन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
2. आठ कोच में 557 यात्रियों के सफर की व्यवस्था
इस स्वदेशी बुलेट ट्रेन की लंबाई करीब 202 मीटर होगी। इसमें कुल आठ कोच लगाए जाएंगे, जिनमें चार मोटर कार और चार ट्रेलर कार शामिल होंगी।
- कुल कोच: 8
- मोटर कार: 4
- ट्रेलर कार: 4
- यात्री क्षमता: 557
- स्टैंडर्ड क्लास कोच: 7
- एग्जीक्यूटिव क्लास कोच: 1
स्टैंडर्ड क्लास में 3×2 सीटिंग व्यवस्था होगी, जबकि एग्जीक्यूटिव क्लास में 2×2 सीटिंग का प्रावधान रहेगा। भविष्य में दो आठ कोच वाली ट्रेनों को जोड़कर 16 कोच का रेक भी बनाया जा सकेगा।
3. विमान जैसी सुविधाएं, हर सीट के पास चार्जिंग पॉइंट
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के इंटीरियर को आधुनिक तरीके से डिजाइन किया जा रहा है। सीटों को भारतीय यात्रियों की शारीरिक जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है, ताकि पर्याप्त लेगरूम और आराम मिल सके।
ट्रेन में मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं:
- हर सीट के पास मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट।
- बड़ी खिड़कियां, ताकि यात्री बाहर का नजारा देख सकें।
- ऊपर सामान रखने के लिए लगेज रैक।
- बड़े सूटकेस के लिए अलग स्टैंड।
- आधुनिक LED लाइटिंग।
- बायो-डाइजेस्टर टॉयलेट।
- सभी कोच के बीच सीलबंद पैसेज, जिससे यात्री एक कोच से दूसरे कोच में जा सकेंगे।
इसके अलावा, यात्रियों के लिए Wi-Fi आधारित इंफोटेनमेंट सिस्टम भी होगा, जिसमें पहले से उपलब्ध मनोरंजन सामग्री देखी जा सकेगी।
4. हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में मिलेगी जानकारी
ट्रेन में यात्रियों को सफर के दौरान जरूरी जानकारी देने के लिए आधुनिक पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम लगाया जाएगा।
कोच के अंदर लगे LCD डिस्प्ले पर हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध होगी। इसके अलावा ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट सिस्टम भी होगा।
आपातकालीन स्थिति में यात्री ट्रेन के कर्मचारियों से सीधे संपर्क कर सकेंगे। इसके लिए कोच और पैसेज में इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट लगाई जाएंगी।
5. दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों के लिए खास इंतजाम
B28 को समावेशी यात्रा की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। ट्रेन के कोच का फर्श प्लेटफॉर्म की ऊंचाई के अनुरूप रखा जाएगा, जिससे यात्रियों को चढ़ने और उतरने में आसानी होगी।
इसके अलावा दरवाजों में रिट्रैक्टेबल स्टेप्स होंगे, जो ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच की दूरी कम करने में मदद करेंगे।
दिव्यांग यात्रियों के लिए व्हीलचेयर के अनुकूल दरवाजे, विशेष सीटें और सुलभ शौचालय होंगे। दृष्टिबाधित यात्रियों की सुविधा के लिए ब्रेल लिपि में सूचना संकेत भी लगाए जाएंगे।
6. 50 डिग्री की गर्मी और कठिन मौसम में होगा परीक्षण
भारतीय मौसम की परिस्थितियां इस ट्रेन के डिजाइन का अहम हिस्सा हैं। प्रत्येक कोच में दो HVAC यूनिट लगाई जाएंगी, जो तापमान और नमी को नियंत्रित करेंगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, ट्रेन के बॉडी स्ट्रक्चर का स्क्वीज टेस्ट किया जा रहा है। इसके बाद प्रोपल्शन सिस्टम लगाया जाएगा और ट्रेन को मौसम संबंधी परीक्षणों से गुजरना होगा। इनमें 50 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी, शून्य से नीचे तापमान, बारिश और धूल भरे वातावरण में परीक्षण शामिल हैं।
7. बिजली बचाने वाली रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक
B28 ट्रेन 25 किलोवोल्ट AC ओवरहेड इलेक्ट्रिक सिस्टम से संचालित होगी। इसमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम दिया जाएगा।
इस तकनीक में ट्रेन के ब्रेक लगाने पर पैदा होने वाली ऊर्जा को वापस विद्युत प्रणाली में भेजा जा सकता है। इससे ऊर्जा की खपत कम करने में मदद मिलेगी।
ट्रेन के बाहरी डिजाइन में भी खास तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके अगले हिस्से और बॉडी को कंप्यूटर आधारित CFD सिमुलेशन के जरिए तैयार किया गया है, ताकि हवा का प्रतिरोध कम हो और तेज गति से चलने के दौरान शोर तथा कंपन को नियंत्रित किया जा सके। खासतौर पर सुरंगों में हवा के दबाव और तेज आवाज को कम करने पर ध्यान दिया गया है।
8. मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर दौड़ेगी ट्रेन
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए विकसित की जा रही है। इस परियोजना में स्वदेशी B28 ट्रेन के साथ जापानी शिंकानसेन तकनीक से जुड़ी ट्रेनें भी प्रस्तावित हैं।
Business Standard की रिपोर्ट के मुताबिक, जापानी शिंकानसेन ट्रेनसेट की अधिकतम गति 350 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है, जबकि स्वदेशी B28 की प्रस्तावित परिचालन गति 249 किमी प्रति घंटा है।
भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम
B28 का निर्माण भारत में हाई-स्पीड रेल तकनीक और घरेलू विनिर्माण क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस ट्रेन में आधुनिक तकनीक, यात्री सुविधाओं, ऊर्जा दक्षता और दिव्यांगजनों की पहुंच को एक साथ शामिल करने की कोशिश की गई है।
280 किमी प्रति घंटे की टेस्ट स्पीड, 557 यात्रियों की क्षमता और आठ कोच वाली यह ट्रेन भारत की स्वदेशी हाई-स्पीड रेल तकनीक का नया चेहरा बनने जा रही है। हालांकि, इसके परीक्षण और नियमित यात्री सेवा शुरू होने की अंतिम तारीख को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।





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