News Desk: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 920 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 में 275 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹4 लाख करोड़ की कमी आई। निजी बैंकों के कमजोर प्रदर्शन, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया।
1. HDFC, ICICI और Axis Bank के शेयरों में गिरावट
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में निजी बैंकिंग शेयरों पर बना दबाव रहा। HDFC बैंक, ICICI बैंक और Axis बैंक के शेयरों में कमजोरी ने सेंसेक्स को नीचे खींचा। NDTV के मुताबिक, इन तीनों बैंकों ने मिलकर सूचकांक की गिरावट में आधे से ज्यादा योगदान दिया।
HDFC बैंक के शेयर कारोबारी सत्र के दौरान करीब 3% गिरे, जबकि Axis बैंक में करीब 5% तक की इंट्राडे गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने सितंबर तिमाही के नतीजों, बैंकिंग मार्जिन और प्रबंधन से जुड़ी अनिश्चितताओं का आकलन किया।
2. कच्चे तेल की कीमतें $108–109 प्रति बैरल के आसपास
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं। सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 108–109 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। मध्य पूर्व में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं ने कीमतों को ऊंचा बनाए रखा।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ सकता है, रुपये पर दबाव पड़ सकता है और महंगाई का जोखिम बढ़ सकता है। ईंधन पर निर्भर कंपनियों की लागत भी बढ़ सकती है।
3. विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर में निकाले ₹52,100 करोड़
भारतीय शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का भी असर दिखाई दिया। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से करीब ₹52,100 करोड़ निकाले थे। सितंबर में भी विदेशी निवेशकों ने लगभग ₹35,861 करोड़ की निकासी की थी।
अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने और डॉलर मजबूत होने से विदेशी निवेशकों के लिए उभरते बाजारों में निवेश का आकर्षण प्रभावित हो सकता है। लगातार बिकवाली से भारतीय शेयरों की कीमतों और निवेशकों के भरोसे पर दबाव पड़ता है।
निवेशकों के लिए आगे क्या अहम रहेगा?
बाजार की अगली दिशा तय करने में कंपनियों के तिमाही नतीजे, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों का रुख और मध्य पूर्व के घटनाक्रम अहम रहेंगे। बैंकिंग शेयरों में निवेशक खास तौर पर मुनाफे, कर्ज की गुणवत्ता और प्रबंधन से जुड़े संकेतों पर नजर रखेंगे।
ध्यान दें: बाजार में एक दिन की तेज गिरावट अपने आप में यह संकेत नहीं है कि हर शेयर में आगे भी गिरावट आएगी। निवेश से जुड़े फैसले लेने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और संबंधित कंपनी के फंडामेंटल का आकलन करना जरूरी है।





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