News Desk: बॉलीवुड के तीन बड़े सितारे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ एक बार फिर विज्ञापन को लेकर कानूनी पचड़े में हैं। महाराष्ट्र के Food and Drug Administration (FDA) ने तीनों को Vimal Elaichi के विज्ञापन में दिखाई देने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि यह विज्ञापन एक वैध दिखने वाले इलायची उत्पाद के जरिए राज्य में प्रतिबंधित Vimal Pan Masala की अप्रत्यक्ष या surrogate promotion कर सकता है।
लेकिन सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि विज्ञापन में इलायची दिखाई गई थी। असली सवाल है- क्या किसी प्रतिबंधित उत्पाद के ब्रांड नाम और पहचान को किसी दूसरे उत्पाद के जरिए प्रमोट किया जा सकता है?
‘इलायची’ पर इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों?
महाराष्ट्र FDA के मुताबिक, विज्ञापन में “Vimal Elaichi” नाम और branding का इस्तेमाल ऐसा brand association बना सकता है जिससे उपभोक्ता इसे Vimal Pan Masala से जोड़ें। FDA इसी को indirect या surrogate advertising के नजरिए से देख रहा है।
यानी regulatory सवाल यह है कि अगर सीधे पान मसाला का विज्ञापन नहीं किया जा सकता, तो क्या उसी brand identity वाले किसी दूसरे उत्पाद के विज्ञापन से उस brand को consumer के दिमाग में लगातार active रखा जा सकता है?
कानून में celebrity की जिम्मेदारी भी है
यह मामला सिर्फ कंपनी तक सीमित नहीं है। FSSAI के Food Safety and Standards (Advertising and Claims) Regulations, 2018 के मुताबिक food advertising में किए गए claims truthful, unambiguous, meaningful और non-misleading होने चाहिए।
इसके अलावा advertising guidelines में endorsers से यह अपेक्षा की जाती है कि वे product endorsement से पहले due diligence करें और ऐसा endorsement न करें जो deceptive हो। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी तरह की जिम्मेदारी का हवाला FDA की कार्रवाई में भी महत्वपूर्ण है।
15 दिन का अल्टीमेटम
तीनों अभिनेताओं को नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन दिए गए हैं। उनसे विज्ञापन में अपनी भूमिका, product और promotional campaign के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। FDA ने यह भी कहा है कि जवाब नहीं मिलने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
यानी अभी शाहरुख खान, अजय देवगन या टाइगर श्रॉफ को दोषी घोषित नहीं किया गया है। फिलहाल यह show-cause notice है और आगे की कार्रवाई उनके जवाब तथा जांच पर निर्भर करेगी।
यह मामला इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
क्योंकि भारत में तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर कानून काफी सख्त है। COTPA, 2003 की Section 5 तंबाकू उत्पादों के direct और indirect advertising, promotion और sponsorship पर रोक लगाती है। सरकार ने लंबे समय से यह चिंता जताई है कि tobacco companies advertising restrictions से बचने के लिए surrogate marketing strategies का इस्तेमाल कर सकती हैं।
यही वजह है कि “ब्रांड वही, उत्पाद अलग” वाला advertising model regulators की नजर में महत्वपूर्ण बन जाता है।
और कहानी में Akshay Kumar भी हैं
Vimal के पुराने विज्ञापन campaigns में अक्षय कुमार भी नजर आ चुके हैं। 2022 में pan masala advertisement को लेकर backlash के बाद उन्होंने Vimal के साथ अपनी association छोड़ने की घोषणा की थी। अब 2026 में इसी brand family के एक विज्ञापन पर तीन दूसरे बड़े सितारों को नोटिस मिलना celebrity endorsements की जिम्मेदारी पर बहस को फिर सामने ले आया है।
असली सवाल सिर्फ सितारों का नहीं, advertising strategy का है
आज celebrity endorsement करोड़ों लोगों तक किसी brand की पहचान पहुंचा सकता है। इसलिए regulatory agencies का सवाल भी सीधा है- अगर किसी प्रतिबंधित product का नाम सीधे नहीं लिया जा सकता, तो क्या उसी नाम, logo, celebrity और brand identity के जरिए किसी दूसरे product को promote करके वही advertising effect हासिल किया जा सकता है?
महाराष्ट्र FDA की यह कार्रवाई इसी सवाल की कानूनी परीक्षा बन सकती है।
फिलहाल गेंद शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के पाले में है।
15 दिन में जवाब देना होगा और उसके बाद तय होगा कि यह सिर्फ एक ‘इलायची का विज्ञापन’ था या फिर regulator की नजर में प्रतिबंधित product की ‘surrogate marketing’ का मामला।

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