News Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में एक बार फिर अपने चर्चित ‘नाराज़ फूफा’ वाले अंदाज में विपक्ष पर निशाना साधा। विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान PM मोदी ने कहा कि कुछ लोग भारत की तरक्की से कभी खुश नहीं हो सकते और हर काम में कमी निकालते रहते हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सरकार गुजरात में ₹35,000 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।
‘नाराज़ फूफा’ से किसे निशाना बनाया?
PM मोदी ने अपने भाषण में उन राजनीतिक विरोधियों पर कटाक्ष किया, जो सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का स्वभाव ऐसा है कि चाहे कितना भी अच्छा काम हो, वे खुश नहीं होते। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘नाराज़ फूफा जी’ का मुहावरा इस्तेमाल किया।
यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री ने इस शब्द का इस्तेमाल किया है। पिछले कुछ दिनों में उन्होंने युवाओं के बीच दिए भाषणों में इस phrase को दोहराया है। राजनीतिक संदर्भ में इसे विपक्ष, खासकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर उनके लगातार हमले से जोड़कर देखा जा रहा है।
‘जुमला’ बनाम ‘काम’ की राजनीति
वडोदरा के कार्यक्रम में PM मोदी ने अपनी सरकार के विकास रिकॉर्ड को पिछली कांग्रेस-नीत सरकारों के मुकाबले पेश किया। उन्होंने infrastructure projects में तेजी का दावा करते हुए कहा कि भारत की work culture पिछले 12 वर्षों में बदली है।
इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान पर भी निशाना साधते हुए युवाओं को ‘झूठ की गूंज’ से सावधान रहने की बात कही। PM का इशारा विपक्ष के उन अभियानों की तरफ था, जिनके जरिए सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
लेकिन असली खबर है ₹35,000 करोड़ का विकास पैकेज
राजनीतिक बयानबाजी के साथ कार्यक्रम का बड़ा फोकस infrastructure रहा। PM मोदी ने गुजरात में ₹35,000 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इसमें सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है Western Dedicated Freight Corridor यानी WDFC के अंतिम तीन sections का उद्घाटन। लगभग 326 किलोमीटर के इन हिस्सों के साथ Dedicated Freight Corridor नेटवर्क पूरी तरह operational हो गया है।
पूरा DFC नेटवर्क करीब 2,843 किलोमीटर लंबा है और इसका उद्देश्य मालगाड़ियों को तेज और अधिक कुशल तरीके से चलाना तथा व्यस्त passenger railway routes से freight traffic का दबाव कम करना है। रिपोर्टों के मुताबिक नेटवर्क पर अब प्रतिदिन सैकड़ों freight trains चल रही हैं।
मोदी के लिए DFC क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
Freight corridor सिर्फ रेलवे लाइन नहीं है। इसका सीधा संबंध logistics cost, industrial connectivity, ports और supply chain से है।
Western DFC गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों को देश के बड़े consumption और manufacturing centres से जोड़ता है और Jawaharlal Nehru Port जैसे महत्वपूर्ण समुद्री बंदरगाहों तक माल की आवाजाही आसान बनाता है।
सरकार का तर्क है कि तेज freight movement से माल ढुलाई का समय घटेगा, logistics efficiency बढ़ेगी और manufacturing तथा exports को फायदा मिलेगा।
राजनीति भी, विकास भी
वडोदरा का यह कार्यक्रम इसलिए खास रहा क्योंकि एक ही मंच पर infrastructure achievements और राजनीतिक messaging दोनों दिखाई दिए।
एक तरफ PM मोदी ने DFC और अन्य परियोजनाओं को भारत की बदलती infrastructure capacity का उदाहरण बताया, वहीं दूसरी तरफ ‘नाराज़ फूफा’ और ‘झूठ की गूंज’ जैसे शब्दों के जरिए विपक्ष पर हमला बोला।
यानी गुजरात से PM मोदी का संदेश दो स्तरों पर साफ था, सरकार अपने विकास मॉडल को जनता के सामने रख रही है और साथ ही विपक्ष की आलोचना को राजनीतिक narrative के जरिए चुनौती भी दे रही है।




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