News Desk: बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं बड़ी सफलता हासिल कर रही फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म को राज्य में टैक्स-फ्री करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को देहरादून में अपने परिवार और मंत्रिमंडल के कुछ सहयोगियों के साथ फिल्म देखी और इसके बाद इसे उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत से जुड़ी महत्वपूर्ण फिल्म बताया।
फिल्म में ऐसा क्या है खास?
‘हनुमान अंश’ की कहानी प्रसिद्ध संत नीम करौली बाबा, जिन्हें उनके अनुयायी महाराज जी के नाम से भी जानते हैं, के जीवन, उनकी हनुमान भक्ति और उनके आध्यात्मिक संदेश के इर्द-गिर्द बुनी गई है। फिल्म का खास पहलू यह है कि यह सिर्फ किसी संत की जीवनी बताने की कोशिश नहीं करती, बल्कि उनकी शिक्षाओं भक्ति, सेवा, प्रेम और इंसानियत को कहानी का केंद्र बनाती है।
नीम करौली बाबा का उत्तराखंड से बेहद गहरा संबंध है। नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम उनके नाम से जुड़ा प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है और देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री धामी ने भी फिल्म देखने के बाद कहा कि इसके जरिए उन्हें बाबा के जीवन और कैंची धाम की आध्यात्मिक महत्ता को समझने का अवसर मिला।
सिर्फ 2 करोड़ का बजट, लेकिन कमाई ने चौंकाया
फिल्म की सबसे दिलचस्प कहानी इसके बॉक्स ऑफिस सफर में छिपी है। ‘हनुमान अंश’ 7 अगस्त 2026 को रिलीज हुई थी। शुरुआत बेहद धीमी रही—पहले दिन फिल्म ने करीब 10 लाख रुपये कमाए और शुरुआती दो हफ्तों में कुल कलेक्शन लगभग 1.48 करोड़ रुपये रहा। ऐसा लग रहा था कि फिल्म दर्शकों तक नहीं पहुंच पाएगी।
लेकिन तीसरे हफ्ते से कहानी अचानक बदल गई। दर्शकों की word-of-mouth publicity ने फिल्म को रफ्तार दी और इसके बाद कमाई तेजी से बढ़ी। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म 27 दिनों में लगभग ₹57 करोड़ तक पहुंच चुकी थी और चौथे सप्ताह के अंत तक यह ₹100 करोड़ के आंकड़े के करीब पहुंचती दिखाई दी।
यानी बेहद छोटे बजट से बनी इस फिल्म ने अपने निवेश के मुकाबले कई गुना ज्यादा कमाई करके फिल्म इंडस्ट्री को भी चौंका दिया।
OTT ने ठुकराया, थिएटर ने बना दिया हिट
‘हनुमान अंश’ की यात्रा का एक और दिलचस्प पहलू है। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बताया है कि फिल्म को एक OTT प्लेटफॉर्म से कथित तौर पर निराशाजनक प्रतिक्रिया मिली थी। इसके बावजूद निर्माताओं ने इसे सिनेमाघरों में रिलीज किया। शुरुआती दौर में शो की संख्या भी घटकर बेहद कम रह गई थी, लेकिन बाद में दर्शकों की प्रतिक्रिया ने फिल्म की किस्मत बदल दी।
धामी सरकार के फैसले का क्या मतलब?
फिल्म को टैक्स-फ्री करने के पीछे मुख्यमंत्री धामी ने इसके आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को प्रमुख कारण बताया है। उनका कहना है कि बाबा नीम करौली महाराज का जीवन और कैंची धाम उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और ज्यादा से ज्यादा लोग इस कहानी से जुड़ें, इसलिए फिल्म को राज्य में टैक्स-फ्री किया जाएगा।
इस तरह ‘हनुमान अंश’ की कहानी अब सिर्फ एक फिल्म की सफलता तक सीमित नहीं रह गई है। 2 करोड़ के छोटे बजट से शुरू हुई फिल्म, धीमी शुरुआत के बाद बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट बनी और अब उत्तराखंड सरकार के टैक्स-फ्री फैसले ने इसे एक नया मुकाम दे दिया है।




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