Student Protests: देशभर में परीक्षा और भर्ती व्यवस्था को लेकर छात्रों का गुस्सा अभी थमा नहीं है। दिल्ली और झारखंड के बाद अब बिहार में छात्र आंदोलन का नया मोर्चा खुल गया है। पटना में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की बैठक के बाद छात्र नेता दिलीप ने ऐलान किया है कि 18 अगस्त से गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। छात्रों की प्रमुख मांग बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे, शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी करने और विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की है।
TRE-4 बना सबसे बड़ा मुद्दा
छात्रों का कहना है कि TRE-4 का नोटिफिकेशन जुलाई में जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अगस्त का आधा महीना बीतने के बावजूद अधिसूचना जारी नहीं हुई। छात्र नेता के मुताबिक, लगातार तारीखों के भरोसे के बाद अब छात्रों के पास आंदोलन के अलावा विकल्प नहीं बचा है।
मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार में सरकारी शिक्षक भर्ती लाखों युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा रास्ता है। विभाग ने BPSC को 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए requisition भेजने की जानकारी दी है। प्रस्तावित भर्ती में कक्षा 1–5 के 3,847, कक्षा 6–8 के 8,563, कक्षा 9–10 के 3,877 और कक्षा 11–12 के 16,101 पद शामिल हैं।
लेकिन छात्रों की मांग सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं
छात्रों ने कुल मिलाकर 8 प्रमुख मांगें सामने रखी हैं। इनमें TRE-4 का नोटिफिकेशन, सभी रिक्त पदों पर भर्ती, TRE-4 में single-stage examination, domicile policy का सख्ती से पालन, BSSC भर्तियों में contractual service weightage हटाना, AEDO परीक्षा जल्द कराना और librarian recruitment में तेजी शामिल है।
इसके अलावा छात्र चाहते हैं कि हर प्रतियोगी परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित हो। इसके लिए answer key जारी करने के साथ उम्मीदवारों को अपनी answer sheet की carbon copy उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। छात्रों की एक अन्य मांग है कि शिक्षा विभाग समय पर BPSC को requisition भेजे, ताकि भर्ती प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी न हो।
5 दिन बाद विधानसभा मार्च की चेतावनी
आंदोलन का अगला चरण भी तय कर दिया गया है। छात्र नेता के अनुसार, अगर भूख हड़ताल शुरू होने के पांच दिनों के भीतर सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो छात्र विधानसभा की ओर मार्च करेंगे। हालांकि गर्दनीबाग में भूख हड़ताल जारी रहेगी।
बिहार से उठी आवाज, देशव्यापी छात्र असंतोष से जुड़ी
बिहार का यह आंदोलन ऐसे समय शुरू हो रहा है जब हाल के महीनों में NEET-UG और दूसरी परीक्षाओं की कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन देखने को मिला। जुलाई में NEET से जुड़े प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की संभावना जताई थी और नाबालिग प्रदर्शनकारियों के खिलाफ coercive action पर अंतरिम सुरक्षा दी थी।
हालांकि बिहार के छात्रों की मौजूदा मांगें मुख्य रूप से राज्य की भर्ती और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी हैं। यानी कहानी सिर्फ एक TRE-4 नोटिफिकेशन की नहीं है।
यह उस पीढ़ी की बेचैनी है जो सालों तैयारी करती है, परीक्षा की तारीख का इंतजार करती है और फिर भर्ती प्रक्रिया में देरी से अपने भविष्य को अनिश्चित पाती है।
अब देखना होगा कि 18 अगस्त की भूख हड़ताल से पहले सरकार छात्रों से बातचीत करती है या बिहार की सड़कों पर एक नया छात्र आंदोलन आकार लेता है।




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