News Desk: हॉकी
वर्ल्ड कप 2026 सिर्फ
इसलिए खास नहीं है कि दुनिया की 16-16 पुरुष और महिला टीमें एक ही समय Belgium और Netherlands में खिताब के लिए उतर रही हैं। इस बार टूर्नामेंट का पूरा रास्ता बदल दिया गया
है। सबसे बड़ा बदलाव Quarter-Finals को ही हटा दिया गया है। अब टीमों को सीधे Semi-Finals तक पहुंचने के लिए दो Group
Stages पार करनी होंगी।
15 से 30 अगस्त तक होने वाले इस World Cup
में पहली बार ऐसा format देखने को मिलेगा, जिसमें शुरुआती मैचों का असर अगले round
में भी जारी रहेगा। यानी पहले मैच में की गई एक गलती आखिरी चार
की race तक पीछा कर सकती है।
पहले
16 टीमें, 4 Groups और सिर्फ 3 मैच
पहले चरण में 16 टीमों को चार Groups A,
B, C और
D में बांटा गया है। हर
Group में चार टीमें होंगी
और प्रत्येक टीम अपने Group की
बाकी तीन टीमों से एक-एक मुकाबला खेलेगी।
इसके बाद असली ट्विस्ट शुरू होगा।
हर Group की Top-2 टीमें, यानी
कुल 8
टीमें, अगले
चरण में पहुंचेंगी। लेकिन यहां उन्हें फिर से दो Groups में बांटा जाएगा Pool E और Pool
F।
Pool E:
Pool A और Pool D की Top-2 टीमें
Pool F:
Pool B और Pool C की Top-2 टीमें
वहीं हर Group की तीसरे और चौथे स्थान वाली टीमें भी Pool
G और H में जाएंगी और 9वें से 16वें स्थान के लिए मुकाबला करेंगी।
सबसे
बड़ा बदलाव: Quarter-Final गायब!
2022
Women's और 2023 Men's
World Cup में Group
Stage के बाद Quarter-Final
तक पहुंचने के लिए crossover
matches होते थे। लेकिन 2026
में FIH ने यह पूरा सिस्टम बदल दिया है।
अब Pool E और F की Top-2 टीमें सीधे Semi-Final में जाएंगी।
Semi-Final
का समीकरण होगा:
Pool
E की No.1 टीम vs Pool F की No.2 टीम
Pool
F की No.1 टीम vs Pool E की No.2 टीम
यानी किसी टीम को Quarter-Final में एक knockout match जीतकर आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलेगा।
उसे दूसरे Group Stage में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
सबसे
महत्वपूर्ण है Goal Difference
नए format में सिर्फ जीतना काफी नहीं होगा। FIH
के अनुसार standings में wins के बाद goal difference महत्वपूर्ण
tie-breaker होगा। इसलिए शुरुआती
मुकाबलों में बड़ी जीत हासिल करना और कम गोल खाना बेहद अहम हो सकता है।
यानी 3-0 की जीत और 1-0 की जीत सिर्फ दो points वाली कहानी नहीं है आगे चलकर गोलों
का अंतर Semi-Final की टिकट तय कर सकता है।
भारत
के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह Format?
भारतीय पुरुष टीम Pool D में
England, Pakistan और
Wales के साथ है। इसका मतलब
भारत को शुरुआत से ही बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले खेलने होंगे।
खासकर India-Pakistan मुकाबला इस बार और भी महत्वपूर्ण हो सकता है,
क्योंकि शुरुआती Pool Stage में हासिल किया गया परिणाम अगले चरण की standings
को प्रभावित कर सकता है। Phase 2
में उस opponent के खिलाफ Phase 1 का परिणाम carry forward होगा, जो उसी शुरुआती Group से अगले चरण में पहुंचा हो।
एक
World Cup, तीन चरण और एक नया गणित
पूरे टूर्नामेंट को ऐसे समझिए:
Phase
1 – 15- 20 August:
16 Teams → 4 Groups → Top 8 आगे
Phase
2 – 21-24 August:
8 Teams → 2 Groups → हर टीम 3 और मैच
Phase
3 - 27-28 August:
Top 4 → सीधे Semi-Finals
29- 30 August:
Bronze Medal + Final
इसका मतलब Semi-Final तक पहुंचने वाली टीम को कुल 6
Group-Stage matches खेलने होंगे-पहले चरण में 3 और
दूसरे चरण में 3।
और यही इस World Cup को इतना अलग बनाता है।
अब Quarter-Final में एक दिन की चमक से कहानी नहीं बदलेगी।
नए format में World Cup जीतने के लिए चाहिए—
शानदार शुरुआत, लगातार प्रदर्शन, बेहतर goal difference और छह मैचों तक दबाव झेलने की क्षमता।
यानी 2026 का Hockey World Cup सिर्फ “कौन सबसे अच्छा खेलता है?” का
सवाल नहीं है।
यह सवाल भी है- “कौन सबसे लंबे समय तक गलती करने से बचता
है?”
और भारत के लिए खिताब की राह शायद यहीं से शुरू होती है।





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