News Desk: युद्धपोत का नाम सुनते ही दिमाग में तोप, मिसाइल, टॉरपीडो और दुश्मन के जहाजों पर हमला करने वाली तस्वीर आती है। लेकिन भारतीय नौसेना में हाल ही में शामिल हुआ INS Nipun इस पारंपरिक सोच से बिल्कुल अलग है। इसमें किसी दुश्मन के जहाज को उड़ाने के लिए हथियारों का जखीरा नहीं है, फिर भी यह नौसेना की रणनीतिक ताकत में बड़ा इजाफा करता है। आखिर क्यों?
31 अगस्त 2026 को मुंबई के Naval Dockyard में INS Nipun को भारतीय नौसेना में कमीशन किया गया। यह Nistar Class का दूसरा Diving Support Vessel यानी DSV है। इसे स्वदेशी तौर पर Hindustan Shipyard Limited ने डिजाइन और तैयार किया है।
असली मिशन है समुद्र की गहराई में
INS Nipun का काम दुश्मन के जहाज पर मिसाइल दागना नहीं, बल्कि समुद्र के नीचे होने वाले बेहद मुश्किल और जोखिम भरे ऑपरेशन को अंजाम देना है।
यह जहाज deep-sea diving के लिए बनाया गया है और इसमें saturation diving, air diving और heliox diving जैसी क्षमताएं हैं। इसके साथ remotely operated underwater systems भी मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल समुद्र के भीतर किसी संरचना की जांच, मरम्मत या intervention के लिए किया जा सकता है।
यानी अगर समुद्र की गहराई में कोई submarine, underwater infrastructure या दूसरी महत्वपूर्ण चीज फंस जाए या क्षतिग्रस्त हो जाए, तो INS Nipun वहां पहुंचकर विशेषज्ञ टीम और उपकरणों को ऑपरेशन के लिए सपोर्ट कर सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण क्षमता- Submarine Rescue
INS Nipun की सबसे रणनीतिक क्षमताओं में से एक है submarine rescue operations को support करना।
कल्पना कीजिए कि किसी भारतीय submarine में समुद्र की गहराई में तकनीकी खराबी आ जाए और वह सतह पर वापस न आ सके। ऐसी स्थिति में समय सबसे महत्वपूर्ण factor होता है। INS Nipun जैसे dedicated support vessel का काम rescue machinery, divers और underwater systems को मौके तक पहुंचाना और rescue operation को support करना है।
यही कारण है कि नौसेना के लिए यह जहाज सिर्फ एक support vessel नहीं, बल्कि underwater emergency response system का अहम हिस्सा है।
समुद्र में एक जगह स्थिर रहकर ऑपरेशन
जहाज की एक महत्वपूर्ण तकनीक है Dynamic Positioning। इसके जरिए INS Nipun समुद्र में अपनी स्थिति को बेहद सटीक तरीके से बनाए रख सकता है।
Deep-sea diving या submarine rescue जैसे मिशनों में यह क्षमता बेहद जरूरी है, क्योंकि तेज धाराओं और समुद्री परिस्थितियों के बीच जहाज का लगातार एक निश्चित position पर रहना ऑपरेशन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होता है।
इसके अलावा जहाज में specialised diving complex, life-support और medical facilities भी हैं, ताकि लंबे और जटिल underwater missions को support किया जा सके।
INS Nistar के साथ बनेगी Two-Coast Capability
INS Nipun के आने से भारतीय नौसेना के पास अब Nistar-class के दो Diving Support Vessels हैं—INS Nistar और INS Nipun।
INS Nistar को पहले ही Eastern Naval Command के साथ operational किया जा चुका है, जबकि INS Nipun को Western Naval Command की जरूरतों को मजबूत करने के लिए शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि भारत के पूर्वी और पश्चिमी दोनों समुद्री मोर्चों पर dedicated underwater support capability मजबूत हुई है।
हथियार नहीं, फिर भी रणनीतिक ताकत
INS Nipun की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसकी ताकत उसकी missiles में नहीं, बल्कि उसकी specialised underwater capability में है।
आज समुद्री सुरक्षा सिर्फ सतह पर लड़ने की कहानी नहीं है। Submarines, underwater infrastructure, seabed operations और समुद्र के भीतर होने वाली emergency situations increasingly महत्वपूर्ण हो रही हैं।
इसीलिए INS Nipun को एक ऐसे जहाज के तौर पर समझना चाहिए जो युद्ध शुरू होने के बाद हमला करने से ज्यादा मुश्किल हालात में भारत की underwater operational capability को जिंदा रखता है।
और यही वजह है कि न तो तोप, न मिसाइल- फिर भी INS Nipun भारतीय नौसेना के लिए बेहद अहम है।





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